नई दिल्ली (Naren Danu) : परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन को तेज करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी ने अपने समर्थकों से बड़ी संख्या में इस मार्च में शामिल होने की अपील की है, साथ ही स्पष्ट किया है कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा।
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने रविवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी संदेश में कहा कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है। उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने और किसी भी उकसावे में नहीं आने की अपील की।
दीपके ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रदर्शन के दौरान हंगामा करता है, भड़काऊ नारे लगाता है या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसे न सोनम वांगचुक का समर्थक माना जाएगा और न ही सीजेपी का कार्यकर्ता। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल शांतिपूर्ण विरोध में विश्वास रखती है।
सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया और सीजेपी ने संसद मार्च की घोषणा कर दी।
इस बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस प्रस्तावित मार्च और उससे जुड़े सोशल मीडिया अभियानों पर नजर बनाए हुए है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
सीजेपी का कहना है कि उसका आंदोलन परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी रहेगा। पार्टी के अनुसार, हाल के वर्षों में सामने आए पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इन्हीं मुद्दों को लेकर संसद तक अपनी आवाज पहुंचाई जाएगी।