बीकेएस ने किया नितिन गडकरी के एथेनॉल मिशन का समर्थन, पेट्रोल-डीजल को GST में लाने की मांग

भोपाल (Naren Danu) : भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा है कि एथेनॉल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार है, बल्कि देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने शनिवार को भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि एथेनॉल को लेकर कई तरह की गलत और भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि एथेनॉल उत्पादन में हजारों लीटर पानी की बर्बादी होने का दावा सही नहीं है। तकनीकी जानकारी देते हुए रेड्डी ने बताया कि गन्ने के रस से एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया में सीमित मात्रा में पानी का उपयोग होता है और फैक्ट्रियों में इसे पुनर्चक्रित (री-साइकिल) किया जाता है।

किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम है एथेनॉल

के. साईं रेड्डी ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन का विरोध करना किसानों की आर्थिक प्रगति में बाधा डालने जैसा है। गन्ना, मक्का और चावल जैसी फसलों से बनने वाला यह ईंधन किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण से जहां देश की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, वहीं प्रदूषण में भी कमी आएगी।

उन्होंने सरकार से भविष्य में शत-प्रतिशत एथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाने की मांग की।

तकनीकी समस्या है तो वाहन कंपनियां सुधार करें

वाहनों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर रेड्डी ने कहा कि देश में पिछले कई वर्षों से इसका सफल उपयोग हो रहा है। यदि किसी वाहन में समस्या आती है तो वाहन निर्माता कंपनियों को अपनी तकनीक में सुधार करना चाहिए, न कि एथेनॉल को दोष देना चाहिए।

इसके साथ ही भारतीय किसान संघ ने पेट्रोल और डीजल को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाने की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि इससे देशभर में ईंधन की कीमतों में समानता आएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।

फसल बीमा और MSP पर भी उठाई आवाज

किसान मुद्दों पर चर्चा करते हुए बीकेएस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार खरीफ और रबी फसलों के लिए अपने हिस्से की बीमा राशि जारी कर चुकी है। अब राज्य सरकारों को भी अपनी हिस्सेदारी जल्द जारी कर किसानों के बैंक खातों में बीमा क्लेम पहुंचाना चाहिए।

उन्होंने मूंग की खरीद को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बिना किसी बाधा के बढ़ाने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संगठन जल्द ही केंद्र सरकार और नाफेड को ज्ञापन सौंपेगा।

कैलारस शुगर मिल किसानों को सौंपने की मांग

पत्रकार वार्ता से पहले भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान मुरैना की बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को निजी हाथों में देने के बजाय किसानों की सहकारी समिति को सौंपने का प्रस्ताव रखा गया।

संगठन ने सुझाव दिया कि जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में किसानों, शेयरधारकों और तकनीकी विशेषज्ञों की समिति बनाकर मिल का संचालन किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।

किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील

किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर के. साईं रेड्डी ने किसानों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में आत्मघाती कदम न उठाएं। उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।