भाजपा आईटी प्रमुख ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- प्रशासन ने अदालत के निर्देशों के तहत निभाई जिम्मेदारी

नई दिल्ली (Naren Danu) : पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाने के मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी विभाग प्रमुख अमित मालवीय ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वांगचुक की मेडिकल जांच उनकी सहमति से की गई थी और प्रशासन ने केवल चिकित्सकीय जरूरत को देखते हुए कार्रवाई की।

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक की प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में उनकी सहमति से जांच किए जाने का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि ऐसे में अस्पताल में भर्ती कराने की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा करना अनावश्यक है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद प्रशासन ने वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का फैसला लिया। मालवीय ने दावा किया कि अधिकारियों ने अदालत के आदेशों का पालन करते हुए संवेदनशील तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभाई।

भाजपा नेता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या राजनीतिक दल यह चाहते थे कि अनशन कर रहे वांगचुक की तबीयत और ज्यादा खराब हो, ताकि इस मुद्दे को राजनीतिक आंदोलन का रूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना एक मानवीय और प्रशासनिक जिम्मेदारी है, इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। पुलिस ने कार्रवाई को उच्च न्यायालय के निर्देशों से जुड़ा बताया था, जबकि आंदोलन से जुड़े लोगों और विपक्षी दलों ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं। फिलहाल सोनम वांगचुक या विपक्ष की ओर से अमित मालवीय के बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।