बिना स्वीकृत भवन योजना के निर्माण की शिकायत पर कार्रवाई, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया ढांचा

कोलकाता (Naren Danu) : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय परिसर के सामने बने एक शेड को शनिवार सुबह प्रशासन ने हटा दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात रहे।

प्रशासन की टीम ने बुलडोजर की मदद से कार्यालय के सामने बने नीले रंग के शेड को हटाया। कार्रवाई से पहले पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।

बिल्डिंग प्लान के बिना निर्माण की शिकायत पर कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, कार्यालय से जुड़ी पांच मंजिला इमारत के निर्माण को लेकर शिकायत मिली थी कि इसे स्वीकृत भवन योजना के बिना बनाया गया है। शिकायत के आधार पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था।

प्रशासन का कहना है कि तय तारीख पर सुनवाई के दौरान कोई भी पक्ष उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शेड को हटाने का निर्णय लिया गया।

बीडीओ, बीएलआरओ और दमकल अधिकारी रहे मौजूद

शनिवार सुबह कार्रवाई के दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को घेर लिया था। मौके पर प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ), भूमि एवं भूमि सुधार विभाग (बीएलआरओ) और दमकल विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई भी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

30 जून को जारी किया गया था नोटिस

सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण 24 परगना प्रशासन ने 30 जून को अमित बनर्जी, मति मल्लिक और सुषांत मंडल के नाम नोटिस जारी किया था। इसमें उन्हें 15 जुलाई को संबंधित विभाग के समक्ष दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया था।

बताया जा रहा है कि यह नोटिस सुषांत मंडल की शिकायत के आधार पर जारी किया गया था। प्रशासन के अनुसार, नोटिस के बावजूद कार्यालय की ओर से कोई प्रतिनिधि सुनवाई में शामिल नहीं हुआ, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

पहले भी पार्टी कार्यालय पर हो चुकी है बुलडोजर कार्रवाई

गौरतलब है कि इससे पहले 24 मई को कोलकाता के ईएम बाइपास स्थित मैदानपुकुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के एक अन्य पार्टी कार्यालय पर भी प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की थी। उस समय स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण और कथित अवैध निर्माण को लेकर शिकायतें की थीं।