नई दिल्ली (Naren Danu) : पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर स्थित धरनास्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजीपी) ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी अनुपस्थिति में वांगचुक को धरनास्थल से हटाया, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कदम उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और उच्च न्यायालय के निर्देशों के मद्देनज़र उठाया गया।
सीजीपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि जिस समय पुलिस ने सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया, उस समय उन्हें उनके एक परिचित के घर पर रोके रखा गया था, जहां वह सुबह दैनिक कार्य के लिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि धरनास्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों के साथ पुलिस ने धक्का-मुक्की भी की।
'आंदोलन जारी रहेगा, अब हम भी अनशन करेंगे'
अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने घोषणा की कि संगठन के सदस्य अब स्वयं अनशन शुरू करेंगे और देशभर के लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से इस अभियान का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहेगा और किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी।
हाई कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या का आरोप
सीजीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उच्च न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर अपनी कार्रवाई को उचित ठहराने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार अदालत के आदेश का इस प्रकार इस्तेमाल करना न्यायालय की भावना के विपरीत है। इस दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों और समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
दिल्ली पुलिस का पक्ष
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और उच्च न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए उन्हें चिकित्सकीय देखभाल के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार अस्पताल ले जाने के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर को शांतिपूर्वक खाली करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की।