चंडीगढ़ में 4700 करोड़ की स्वास्थ्य परियोजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में बोले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, आयुष्मान भारत को बताया दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना

चंडीगढ़ (Naren Danu) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि भारत स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों की कतार में पहुंच रहा है। देश में डॉक्टरों और मेडिकल प्रोफेशनल्स की बढ़ती जरूरत को देखते हुए अगले पांच वर्षों में मेडिकल शिक्षा संस्थानों में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों की 75 हजार सीटों का विस्तार किया जाएगा। इनमें से 25 हजार सीटें पहले चरण में बढ़ाई जा चुकी हैं।

नड्डा शुक्रवार को चंडीगढ़ में करीब 4700 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्वास्थ्य नीति का उद्देश्य केवल मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी की रोकथाम और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना भी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई। इसी सोच के तहत देशभर में स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में अब 1.85 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी 387 से बढ़कर 818 हो गई है, जबकि एमबीबीएस सीटों की संख्या करीब 1.38 लाख तक पहुंच चुकी है।

नड्डा ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। योजना के तहत अब तक करीब 90 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इससे लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो रही है और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल माध्यम से आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आने वाले समय में पीजीआई चंडीगढ़ समेत देशभर के एम्स और प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देगी। बेहतर स्वास्थ्य ढांचे के जरिए देश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा।