जींद (Naren Danu) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन संचालित यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जींद और सोनीपत अब भारतीय रेलवे के इतिहास में विशेष स्थान हासिल करेंगे, क्योंकि यहीं से देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल परिवहन के नए दौर की शुरुआत हुई है।
एकलव्य स्टेडियम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह पहली रेल सेवा के कारण मुंबई और ठाणे का नाम इतिहास में दर्ज है, उसी तरह हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से जींद और सोनीपत की भी नई पहचान बनेगी। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक विकसित कर उसका संचालन शुरू किया है।
प्रधानमंत्री के अनुसार 10 कोच वाली यह ट्रेन 3,200 हॉर्स पावर के अत्याधुनिक प्रोपल्शन सिस्टम से लैस है और दुनिया की सबसे शक्तिशाली तथा सबसे लंबी हाइड्रोजन चालित यात्री ट्रेनों में गिनी जाएगी। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित यह ट्रेन बिजली स्वयं उत्पन्न करती है और संचालन के दौरान केवल जलवाष्प उत्सर्जित करती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य रहता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में पिछले एक दशक में हुए आधुनिकीकरण ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है। लगभग पूरे रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण के कारण वैश्विक तेल संकट और पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत की रेल सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रधानमंत्री ने बताया कि हरियाणा का रेल नेटवर्क अब पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश में नई औद्योगिक संभावनाएं भी विकसित होंगी। हाइड्रोजन ईंधन से जुड़े बुनियादी ढांचे, विनिर्माण इकाइयों और तकनीकी निवेश के विस्तार से हरियाणा सहित देशभर में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने करीब 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इनमें 12,470 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं, दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे का हरियाणा खंड, अंबाला–काला अंब फोरलेन हाईवे, जींद–गोहाना ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग तथा हांसी–बरवाला ब्राउनफील्ड परियोजना शामिल हैं।
इसके अलावा उन्होंने कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का उद्घाटन, भिवानी और नारनौल में नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों का लोकार्पण तथा कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला भी रखी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हालिया विदेश यात्राओं का उल्लेख करते हुए खेल अवसंरचना, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।