चंडीगढ़ (Naren Danu) : भारत की हरित परिवहन पहल को नई दिशा देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का दायरा जल्द ही दिल्ली तक बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में जींद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि फिलहाल यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलेगी, जबकि सोनीपत-दिल्ली रेलखंड पर परीक्षण कार्य पूरा होते ही इसे राजधानी तक विस्तारित कर दिया जाएगा।
रेल मंत्री ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना फिलहाल पायलट आधार पर शुरू की गई है। यदि इसका संचालन सफल रहता है तो भविष्य में इसे देश के अन्य राज्यों और रेल मार्गों पर भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक विकसित करने और संचालित करने की क्षमता है।
हरियाणा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए वैष्णव ने कहा कि यह देश का पहला राज्य बन गया है जहां पानी से बनने वाले हाइड्रोजन ईंधन के जरिए ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने राज्य में रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार को प्राथमिकता दी है।
रेल मंत्री के अनुसार, हरियाणा में इस समय करीब 18 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली रेल परियोजनाओं पर कार्य जारी है। राज्य के 34 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से पांच स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा से वर्तमान में 16 वंदे भारत और 8 अमृत भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है तथा राज्य के सभी रेलवे मार्गों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में हरियाणा को नई रेल परियोजनाओं और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।