औपचारिक विलय अब भी लंबित, पदों के चयन और वेतनमान को लेकर उठे सवाल

चंडीगढ़ (Naren Danu) : गुरु अमरदास थर्मल प्लांट (जीएटीपी), गोइंदवाल साहिब के पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में औपचारिक विलय से पहले ही निगम ने निजी प्रबंधन के समय कार्यरत 108 इंजीनियरों, अधिकारियों तथा तकनीकी एवं गैर-तकनीकी कर्मचारियों के समायोजन को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस निर्णय के बाद पदों की संख्या, वेतनमान और केवल निदेशक मंडल के प्रस्ताव के आधार पर स्वीकृति दिए जाने को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, पूर्व जीवीके थर्मल प्लांट के सरकारी अधिग्रहण के बाद पीएसपीसीएल ने वहां कार्यरत कर्मचारियों का विवरण मांगा था। जीवीके प्रबंधन द्वारा 108 कर्मचारियों की सूची सौंपे जाने के बाद निगम ने परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप पदों का पुनर्गठन किया। नई संरचना में अधीक्षण अभियंता का कोई पद नहीं रखा गया, जबकि 30 सहायक कार्यकारी अभियंता (विद्युत) और 27 सहायक अभियंता के पद स्वीकृत किए गए हैं। प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों के लिए वरिष्ठ सहायक, यूडीसी, उप मुख्य लेखा अधिकारी, लेखा अधिकारी और सहायक लेखा अधिकारियों के पद भी निर्धारित किए गए हैं।

पीएसपीसीएल के अनुसार कर्मचारियों का समायोजन उनके मौजूदा पद और अनुभव के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल सभी कर्मचारी अपने वर्तमान वेतन और भत्ते ही प्राप्त करेंगे। केवल कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का वेतन पीएसपीसीएल के समकक्ष अधिकारियों से अधिक है, जबकि अधिकांश कर्मचारियों का वेतन निगम के कर्मचारियों से कम बताया गया है। साथ ही तेलंगाना स्थित कंपनी के पंजीकृत कार्यालय में कार्यरत कुछ कर्मचारियों को भी इन स्वीकृत पदों पर समायोजित किए जाने की संभावना है।

निगम के अधिकारियों का कहना है कि नए पद सृजित नहीं किए गए हैं, बल्कि सरकारी अधिग्रहण के बाद मौजूदा पदों का पुनर्गठन किया गया है। भविष्य में यदि कोई कर्मचारी सेवा छोड़ता है तो उस पद पर नियमित पीएसपीसीएल कर्मचारी की नियुक्ति की जाएगी। कर्मचारियों के समायोजन से जुड़ी संभावित विसंगतियों के समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है।

उल्लेखनीय है कि 12 जनवरी 2026 को पीएसपीसीएल ने गुरु अमरदास थर्मल प्लांट की मानव संसाधन आवश्यकता का आकलन करने के लिए समिति बनाई थी। यह फैसला निदेशक मंडल की 29 दिसंबर 2025 को हुई 120वीं बैठक के आधार पर लिया गया था। हालांकि कर्मचारियों के समायोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद प्लांट का पीएसपीसीएल में औपचारिक विलय अभी भी लंबित है।