17वें हरियाणा दौरे में रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक विकास को मिलेगी रफ्तार; 10 जिलों पर होगा सीधा असर

चंडीगढ़ (Naren Danu) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा दौरे के दौरान राज्य को 12,470 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन योजनाओं का लाभ हरियाणा के दस जिलों सहित पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों को भी मिलेगा।

दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि जींद-सोनीपत रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तैयार आधुनिक रेलवे स्टेशनों को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें हरियाणा के नरवाना और कालका के अलावा पंजाब के मोहाली और आनंदपुर साहिब तथा हिमाचल प्रदेश के अंब अंदौरा स्टेशन शामिल हैं।

रेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री करीब 447 करोड़ रुपये की लागत से बने 5.9 किलोमीटर लंबे कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का भी उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना से शहर के प्रमुख रेलवे फाटकों पर वर्षों से लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से नारनौल स्थित महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज और भिवानी मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे। वहीं सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए काला अंब ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग, हांसी-बरवाला फोरलेन तथा बीकानेर-सिवानी-सोनीपत सड़क परियोजनियों को भी नई गति मिलेगी।

सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र के उमरी गांव में बनने वाले हरियाणा के पहले सिख संग्रहालय एवं विरासत केंद्र की आधारशिला भी रखेंगे। लगभग 124 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सिख गुरुओं के हरियाणा से जुड़े ऐतिहासिक योगदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

राजनीतिक और विकास दोनों दृष्टियों से अहम माने जा रहे इस दौरे का प्रभाव सोनीपत, जींद, अंबाला, कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़, झज्जर और पंचकूला सहित कई क्षेत्रों पर पड़ेगा। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं, औद्योगिक निवेश और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।