नई दिल्ली (Naren Danu) : संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की बैठक में महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, परिसीमन, महिला आरक्षण, विदेश नीति और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाने का फैसला किया गया।
सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ सांसद शामिल हुए। बैठक में आगामी मानसून सत्र के दौरान विपक्ष की रणनीति और सरकार के संभावित विधायी एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर कहा कि कांग्रेस संसद में आस्था से जुड़े विवाद, पेपर लीक, शिक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियां, संस्थाओं के दुरुपयोग, राजनीतिक दलों को तोड़ने के आरोप, महंगाई, विदेश नीति, एथेनॉल मिश्रण, पर्यावरण और अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी।
इसके बाद पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और राज्यसभा सांसद सैयद नासिर हुसैन ने बताया कि बैठक में सरकार द्वारा लाए जाने वाले प्रमुख विधेयकों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने संकेत दिया कि वह परिसीमन विधेयक, संविधान संशोधन विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक और एफसीआरए से जुड़े प्रस्तावों का विरोध करेगी।
जयराम रमेश ने कहा कि सरकार 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुला रही है, लेकिन कांग्रेस का मानना है कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक सहमति जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर आगे बढ़ाना चाहती है, जिसका विपक्ष पहले भी विरोध करता रहा है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मानसून सत्र के दौरान वह सरकार की नीतियों और फैसलों पर लगातार सवाल उठाएगी तथा विपक्षी दलों के साथ समन्वय बनाकर जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से रखेगी। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 दिनों में 16 बैठकें होंगी।