संशोधित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक संसद में लाने से पहले सभी दलों से व्यापक चर्चा कराने की अपील; विपक्ष ने पर्याप्त समय देने की भी उठाई मांग

नई दिल्ली (Naren Danu) : कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने महिला आरक्षण और उससे जुड़े परिसीमन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को संशोधित स्वरूप में दोबारा संसद में लाने जा रही है तो पहले सभी राजनीतिक दलों से व्यापक चर्चा होनी चाहिए।

खरगे ने अपने पत्र में कहा कि उन्होंने मार्च और अप्रैल में भी संसदीय कार्य मंत्री को कई पत्र लिखकर परिसीमन संबंधी प्रस्तावों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने याद दिलाया कि 17 अप्रैल को लोकसभा में पेश संविधान (131वां संशोधन) विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका था और पारित नहीं हो पाया था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिले हैं कि सरकार आगामी मानसून सत्र में संशोधित विधेयक दोबारा पेश करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में सभी दलों को प्रस्तावित संशोधनों का अध्ययन करने और अपनी राय रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।

खरगे ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि विधेयक संसद में प्रस्तुत करने से पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित कर राजनीतिक दलों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया जाए, ताकि महत्वपूर्ण संवैधानिक विषय पर व्यापक सहमति बनाई जा सके।

गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी नेतृत्व ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों और विपक्ष की रणनीति पर भी चर्चा की थी।