नई दिल्ली (Naren Danu) : उत्तराखंड दौरे से पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पेपर लीक को लेकर किए गए हमले पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने आरोप लगाया कि भर्ती घोटालों की शुरुआत कांग्रेस शासन के दौरान हुई थी और राहुल गांधी को राज्य की जनता के सामने पहले अपनी पार्टी के कार्यकाल का जवाब देना चाहिए।
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि एन.डी. तिवारी और हरीश रावत सरकारों के दौरान कई भर्ती परीक्षाएं विवादों में रहीं। उन्होंने दरोगा भर्ती, पटवारी भर्ती, वीपीडीओ भर्ती, सिडकुल भर्ती, यूबीटीईआर और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रियाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई हुई, परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं और युवाओं का भरोसा प्रभावित हुआ।
मालवीय ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले का मामला सामने आने पर सरकार ने कार्रवाई करते हुए देश का सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून लागू किया। उन्होंने कहा कि 100 से अधिक कथित नकल माफिया को गिरफ्तार किया गया और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए। भाजपा के अनुसार, पिछले चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर आरोप लगाया था कि उत्तराखंड "पेपर लीक का केंद्र" बन चुका है और भर्ती प्रक्रिया में योग्यता के बजाय भ्रष्टाचार हावी है। उन्होंने दावा किया कि सख्त कानून बनने के बावजूद पेपर लीक की घटनाएं जारी रहीं और इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।
राहुल गांधी के 17 जुलाई के प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर पहले ही राजनीतिक विवाद खड़ा हो चुका है। परेड ग्राउंड में प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद कांग्रेस ने बन्नू स्कूल मैदान को नया आयोजन स्थल बनाया। इस मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव भी देखने को मिला।
राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं।