नई दिल्ली (Naren Danu) : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (केएपीएल) के प्रबंध निदेशक अनुराग दनायक को कथित तौर पर 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, यह रकम भोपाल की एक अधिकृत सेवा एजेंट फर्म से मांगी गई कुल 15 लाख रुपये की रिश्वत का हिस्सा थी।
सीबीआई के मुताबिक, आरोप है कि दनायक ने सेवा एजेंट समझौते को मंजूरी देने, नए संस्थानों को जोड़ने के आवेदन स्वीकृत करने और चालू वित्त वर्ष में दवाओं की बिक्री पर मिलने वाले कमीशन में हिस्सेदारी के बदले रिश्वत की मांग की थी। बुधवार को नोएडा में रिश्वत की पहली किस्त लेते समय सीबीआई टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के बाद सीबीआई ने आरोपी के बेंगलुरु, नोएडा और जबलपुर स्थित ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान अधिकारियों को करीब 75 लाख रुपये नकद, लगभग 4 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा, 697 ग्राम सोने के आभूषण और सिक्के, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 86 लाख रुपये बताई गई है, तथा एक फ्लैट से जुड़े संपत्ति दस्तावेज मिले।
सीबीआई ने बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आरोपी के पास मिली संपत्ति और नकदी के स्रोत क्या हैं तथा क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।