मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया शुभारंभ; 12 बिंदुओं वाले सेल्फ ऑडिट सिस्टम और मोबाइल ऐप से बढ़ेगी जवाबदेही

नई दिल्ली (Naren Danu) : दिल्ली सरकार ने राजधानी में धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित 'डस्ट पोर्टल 2.0' और मोबाइल ऐप लॉन्च किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा विकसित इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह पोर्टल निर्माण और ध्वस्तीकरण (सीएंडडी) स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की एआई के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी करेगा।

लॉन्च के दौरान डस्ट पोर्टल 2.0 का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें दिखाया गया कि एआई तकनीक के जरिए निर्माण स्थलों की निगरानी पहले से अधिक सटीक और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पोर्टल निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण की निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा। वहीं, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नई प्रणाली से वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी और नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

12 बिंदुओं पर करना होगा सेल्फ ऑडिट

डीपीसीसी ने निर्माण स्थलों के लिए 12 बिंदुओं वाला सेल्फ ऑडिट सिस्टम भी लागू किया है। इसके तहत ग्रीन नेटिंग या बैरिकेडिंग, नियमित पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढककर रखना, वाहनों के टायर धोने की व्यवस्था, एंटी-स्मॉग गन, पीएम 2.5 और पीएम 10 सेंसर, सीसीटीवी कैमरे तथा सूचना बोर्ड जैसे मानकों का पालन अनिवार्य होगा। संबंधित एजेंसियों को इन व्यवस्थाओं के फोटो पोर्टल पर अपलोड करने होंगे, जिससे एआई आधारित प्रणाली उनका सत्यापन कर सके।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए हर स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है। एआई आधारित डस्ट पोर्टल 2.0 राजधानी में निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।