जालंधर (Naren Danu) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को छह महीने में दूसरी बार जालंधर पहुंचेंगे। इस दौरान वह करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे और अमृतसर के छेहरटा से वाराणसी के बीच श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर शुरू की जा रही नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री के इस दौरे को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले प्रधानमंत्री 1 फरवरी को श्री गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर सचखंड डेरा बल्लां पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने संत श्री 1008 स्वामी निरंजन दास महाराज से मुलाकात की थी और आदमपुर सिविल एयरपोर्ट का नाम 'गुरु रविदास महाराज एयरपोर्ट' रखने की घोषणा की गई थी।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। समारोह स्थल पर पांच हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर में बैरिकेडिंग की गई है और प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने मोर्चा संभाल लिया है। पंडाल और मुख्य मंच का निर्माण गुजरात की एक फर्म कर रही है।
रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने लिया तैयारियों का जायजा
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने स्टेशन का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देशभर के 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों को एक साथ राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें जालंधर कैंट स्टेशन भी शामिल है।
सतीश कुमार ने कहा कि जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का आधुनिक तरीके से पुनर्विकास किया गया है और यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। निरीक्षण के दौरान मिली छोटी-मोटी कमियों को भी जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री पहले हरियाणा के जींद में हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद दोपहर में जालंधर पहुंचेंगे। वहीं, रेलवे देशभर में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और नई रेल लाइनों के विस्तार पर भी तेजी से काम कर रहा है। प्रधानमंत्री का यह दौरा रेलवे विकास के साथ-साथ पंजाब में भाजपा की राजनीतिक सक्रियता के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।