भोपाल (Naren Danu) : नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुए चार दिवसीय भारत टेक्स-2026 के पहले दिन मध्य प्रदेश ने टेक्सटाइल क्षेत्र में अपनी औद्योगिक क्षमता और निवेश संभावनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया। राज्य ने PM मित्र पार्क, आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों के जरिए देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास किया।
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के अधिकारियों ने हॉल-11 में स्थापित राज्य के पवेलियन का उद्घाटन किया। पवेलियन में प्रदेश के टेक्सटाइल इकोसिस्टम, वस्त्र उद्योग के लिए उपलब्ध सुविधाओं, विश्वस्तरीय विनिर्माण ढांचे और निवेश के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश ने अन्य छह पीएम मित्र राज्यों के साथ आयोजित 'इन्फ्रास्ट्रक्चर एज ए फोर्स मल्टीप्लायर: फ्रॉम क्लस्टर्स टू पार्क्स, कॉरिडोर्स एंड बियॉन्ड' विषयक राउंडटेबल बैठक में भी भाग लिया। इस दौरान राज्य ने अपने पीएम मित्र पार्क मॉडल और टेक्सटाइल उद्योग के लिए विकसित किए जा रहे इकोसिस्टम को निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया।
पवेलियन में प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने देश-विदेश से आए उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित निवेशकों के साथ बैठकें कर उन्हें मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं, मजबूत बुनियादी ढांचे और वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी दी। साथ ही निवेशकों को राज्य में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ने का आमंत्रण भी दिया गया।
जनसंपर्क अधिकारी बबीता मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश वस्त्र उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि धार जिले में विकसित हो रहा देश का पहला PM मित्र पार्क राज्य के टेक्सटाइल सेक्टर को नई पहचान देगा और इससे लगभग छह लाख कपास उत्पादक किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का मानना है कि जीआई टैग प्राप्त पारंपरिक वस्त्रों, हस्तशिल्प, आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों के बल पर मध्य प्रदेश देश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेश केंद्रों में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।