लुधियाना (अशोक सहगल) : महाराष्ट्र एक्यूपंक्चर काउंसिल, मुंबई तथा आयुष्मान एक्यूपंक्चर कॉलेज, नागपुर द्वारा आयोजित किए गए दो दिवसीय प्रथम राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर सम्मेलन में देशभर से एक्यूपंक्चर विशेषज्ञ, स्वास्थ्य पेशेवर और नीति-निर्माता शामिल हुए। सम्मेलन में 27 वैज्ञानिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। मुख्य रूप से एक्यूपंक्चर की स्वास्थ्य सेवाओं, नशा मुक्ति और भारत में इसे स्वतंत्र चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता देने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।इस सम्मेलन में देशभर से 700 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे यह भारत के सबसे बड़े एक्यूपंक्चर सम्मेलनों में से एक बन गया।
पीठ दर्द और फ्रोजन शोल्डर से ठीक हो चुके महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री
सम्मेलन का सबसे खास आकर्षण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का संबोधन रहा। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले उन्हें कमर में तेज दर्द की समस्या थी। अन्य उपचारों में जहां सर्जरी की सलाह दी गई थी, वहीं एक्यूपंक्चर से उन्हें केवल 10 दिनों में काफी राहत मिली।उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में उन्हें फ्रोजन शोल्डर की समस्या हुई थी, जिससे उन्हें महाराष्ट्र एक्यूपंक्चर काउंसिल की चेयरपर्सन डॉ. रूमी बैरामजी द्वारा दिए गए एक्यूपंक्चर उपचार से लाभ मिला।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर महाराष्ट्र मॉडल के आधार पर एक्यूपंक्चर को स्वतंत्र चिकित्सा पद्धति का दर्जा दिलाने का प्रयास करेंगे। उनका कहना था कि इससे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होगी तथा प्रधानमंत्री के बेहतर स्वास्थ्य भारत के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार से स्वतंत्र मान्यता की मांग
डॉ. रमन कपूर और डॉ. इंदरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया के 139 से अधिक देशों में एक्यूपंक्चर को स्वतंत्र चिकित्सा प्रणाली के रूप में मान्यता प्राप्त है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी भारत में इसे एलाइड हेल्थकेयर के बजाय स्वतंत्र चिकित्सा प्रणाली का दर्जा देने की मांग की।
डॉ. कोटनिस एक्यूपंक्चर हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज के निदेशक तथा वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्यूपंक्चर-मोक्सीबस्टन सोसाइटीज के कार्यकारी सदस्य डॉ. इंदरजीत सिंह सम्मेलन के प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहे।
पांच दशको के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एक्यूपंक्चर नशा छोड़ने और लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सम्मेलन में रजिस्ट्रार नारायण नवले, सुमंत घाइफास (हेड मुख्यालय प्रभारी, भाजपा महाराष्ट्र), डॉ. रमन कपूर, अनीश गुप्ता, डॉ. मृगेन्द्र गंतायत, डॉ. भास्कर, डॉ. डी. बख्शी, डॉ. निलेश पटेल, डॉ. संदीप चोपड़ा, डॉ. सी. परदेसी, मयंक शाह, डॉ. नीलिमा ठक्कर, डॉ. रामाकांत और डॉ. त्रिदीप गुहा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।