नई दिल्ली (Naren Danu) : देश में रसोई गैस वितरण व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में सरकारी तेल कंपनियां बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं। इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) 10 किलोग्राम के हल्के कंपोजिट एलपीजी सिलेंडर को कमर्शियल ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर छोटे कारोबारियों, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, छात्रों, किराएदारों और प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत मिल सकती है।
वर्तमान में कमर्शियल उपयोग के लिए 19, 5 और 2 किलोग्राम के सिलेंडर उपलब्ध हैं। इनमें 19 किलो का स्टील सिलेंडर काफी भारी होने के कारण छोटे दुकानदारों और ठेला संचालकों के लिए इसे उठाना और इधर-उधर ले जाना मुश्किल होता है। इसी समस्या को देखते हुए हल्के 10 किलो कंपोजिट सिलेंडर को बाजार में उतारने की तैयारी की जा रही है।
नई तकनीक से बने इस सिलेंडर का निर्माण हाई डेंसिटी पॉलीएथिलीन (HDPE) कंपोजिट सामग्री से किया गया है। इसका वजन पारंपरिक स्टील सिलेंडर की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत कम है। इसके अलावा सिलेंडर का बाहरी हिस्सा पारदर्शी होने से उपभोक्ता आसानी से देख सकेंगे कि उसमें कितनी गैस शेष है, जिससे समय पर रिफिल कराना आसान होगा।
फिलहाल यह सिलेंडर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सीमित स्तर पर उपलब्ध है। HPCL इसे HP Gas Ojas, इंडियन ऑयल Indane Xtralight और BPCL Bharatgas Lite ब्रांड के तहत बेच रही हैं। अब कंपनियां इसे कमर्शियल श्रेणी में भी उतारने पर विचार कर रही हैं। इसे गैस एजेंसियों के साथ-साथ चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा सकता है।
कीमत की बात करें तो दिल्ली में 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹942, 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर ₹2,930 और 5 किलो कमर्शियल सिलेंडर ₹808.50 है। हालांकि 10 किलो कंपोजिट कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अभी तय नहीं हुई है, लेकिन इसके 5 और 19 किलो सिलेंडर के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से सीमित गैस खपत वाले छोटे व्यवसायियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही महानगरों और छोटे शहरों में किराए पर रहने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग और प्रवासी मजदूर भी कम वजन वाले इस सिलेंडर का आसानी से उपयोग कर सकेंगे। यदि योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो यह एलपीजी वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।