हर दिन औसतन 14,490 लोग कैमरों में कैद, ऑन-द-स्पॉट चालानों से 5.5 लाख अधिक ई-चालान जारी

नई दिल्ली (Naren Danu) : राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब हाईटेक निगरानी का असर साफ दिखाई देने लगा है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगाए गए कैमरों ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में 26.22 लाख से अधिक ट्रैफिक नियम उल्लंघन के मामलों को रिकॉर्ड किया है। जनवरी से जून 2026 के बीच कैमरों की मदद से 26,22,702 वाहन चालक नियम तोड़ते हुए पकड़े गए, यानी प्रतिदिन औसतन 14,490 लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इन सभी मामलों में ई-चालान जारी किए गए।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार कैमरों के जरिए जारी किए गए चालानों की संख्या सड़क पर पुलिसकर्मियों द्वारा मौके पर काटे गए चालानों से करीब 5.5 लाख अधिक रही। इससे स्पष्ट है कि आधुनिक निगरानी प्रणाली ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार 19 मार्च 2026 तक राजधानी में 87.61 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत थे। इसके अलावा हर दिन पड़ोसी राज्यों से लाखों वाहन दिल्ली की सड़कों पर प्रवेश करते हैं। ऐसे में प्रत्येक सड़क और चौराहे पर पुलिसकर्मियों की तैनाती संभव नहीं है। इसी कारण संवेदनशील स्थानों पर अत्याधुनिक कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से 30 जून 2026 के बीच सड़क पर तैनात पुलिसकर्मियों ने 20,72,995 ऑन-द-स्पॉट चालान भी किए। इसका अर्थ है कि प्रतिदिन औसतन 12,557 लोगों पर मौके पर कार्रवाई की गई। यदि कैमरों और ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई दोनों को मिलाकर देखा जाए तो राजधानी में प्रतिदिन औसतन 27,047 लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए। छह महीने में कुल चालानों की संख्या लगभग 47 लाख तक पहुंच गई।

ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता पहले की तुलना में बढ़ी है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में वाहन चालक रेड लाइट जंप, ओवर स्पीडिंग और अन्य नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसलिए तकनीक और मानव संसाधन दोनों के माध्यम से निगरानी लगातार मजबूत की जा रही है।

एक वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राजधानी के 43 प्रमुख चौराहों पर 209 कैमरे लगाए गए हैं, जो विशेष रूप से रेड लाइट जंप करने वाले वाहनों पर नजर रखते हैं। इसके अलावा 142 प्रमुख सड़कों पर 250 स्पीड डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं, जो निर्धारित सीमा से अधिक गति से चलने वाले वाहनों की पहचान करते हैं। ट्रैफिक पुलिस अब निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 53 नए संवेदनशील चौराहों पर 203 अतिरिक्त कैमरे लगाने की तैयारी कर रही है।

अधिकारियों का मानना है कि कैमरा आधारित निगरानी व्यवस्था न केवल नियम तोड़ने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। तकनीक के बढ़ते उपयोग से भविष्य में ट्रैफिक प्रबंधन और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।