गेहूं की जली फसल का मुआवजा देने की मांग, किसानों ने प्रशासन का खटखटाया दरवाजा

पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : गांव बुआना लाखु अप्रैल महीने में गेहूं की सैकड़ो एकड़ फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई थी। जिसका आर्थिक मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। इसी संदर्भ में संयुक्त किसान मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त पानीपत को लिखित पत्र देते हुए मांग की की किसानों को कई महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक आर्थिक मुआवजा नहीं मिला है। किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन की तरफ से आगजनी की घटना के बाद किसानों की आज में जली फसल सैकड़ो एकड़ जमीन की गिरदावरी करवाई गई। एसडीएम इसराना के नेतृत्व में रिपोर्ट तैयार की गई जिसमें किसानों को आर्थिक मुआवजा की बात की गई थी। लेकिन जुलाई महीना लग चुका है अभी तक किसी किसान को आर्थिक मुआवजा नहीं मिला है। अगली फसल की बिजाई भी लगभग पूरी होने को है। गेहूं की फसल के अलावा अन्य फसल एवं ट्यूबल, पशु चारा भी साथ जलकर नष्ट हो गया था। इसलिए गेहूं के अलावा अन्य जो भी किसने की फसल एवं अन्य सामान का नुकसान हुआ है उसकी आर्थिक रूप से मुआवजा देकर तुरंत भरपाई की जाए।

*प्रतिनिधि मंडल में संयुक्त किसान मोर्चा जिला सह संयोजकअखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉक्टर सुरेंद्र मलिक, जिला सचिव राजपाल गाहल्याण, उप प्रधान दिलावर सिंह राठी शामिल हुए।