होशियारपुर (Naren Danu) : पंजाब सरकार ने दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर सभी सरकारी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग (डिसेबिलिटी सेल) की ओर से जारी आदेशों के बाद जिला प्रशासन ने विभागों, बोर्डों, निगमों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सरकारी निकायों को राज्य दिव्यांगजन आयुक्त के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
निर्देशों के अनुसार राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटी एक्ट, 2016 के तहत राज्य दिव्यांगजन आयुक्त द्वारा जारी किसी भी आदेश, सिफारिश या नोटिस पर संबंधित विभाग को अधिकतम तीन महीने के भीतर कार्रवाई कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट आयुक्त कार्यालय को भेजनी होगी।
यदि किसी विभाग के लिए किसी सिफारिश को लागू करना संभव नहीं है, तो उसे निर्धारित अवधि के भीतर लिखित रूप में कारण बताना होगा। इसकी जानकारी राज्य दिव्यांगजन आयुक्त के साथ-साथ संबंधित शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध करानी होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ निपटाया जाए। प्रशासनिक देरी या प्रक्रियागत बाधाओं के कारण किसी भी पात्र व्यक्ति को उसके कानूनी अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए निर्देशों से शिकायत निस्तारण प्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। साथ ही विभागों की जिम्मेदारी तय होने से मामलों को लंबे समय तक लंबित रखने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य दिव्यांगजन आयुक्त के आदेशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों या विभागों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।