घर बैठे इन आसान तरीकों से करें असली-नकली सौंफ की पहचान, मिलावटी सौंफ से हो सकती हैं गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं

नई दिल्ली (Naren Danu) : खाने के बाद माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल होने वाली सौंफ भी अब मिलावटखोरों के निशाने पर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गुजरात के मेहसाणा जिले में छापेमारी के दौरान करीब 26 टन रासायनिक रंग से रंगी सौंफ जब्त की है। जांच में फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में हरा कृत्रिम रंग भी बरामद हुआ, जिसका उपयोग सौंफ को आकर्षक दिखाकर बाजार में बेचने के लिए किया जा रहा था।

विशेषज्ञों के अनुसार, रासायनिक रंग मिली सौंफ का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सौंफ खरीदते समय उसकी गुणवत्ता की जांच करना जरूरी है।

ऐसे करें असली-नकली सौंफ की पहचान

• पानी टेस्ट:
एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ी सौंफ डालें। यदि कुछ ही मिनटों में पानी का रंग हरा होने लगे, तो सौंफ में कृत्रिम रंग होने की आशंका है।

• गीले टिश्यू से जांच:
हल्के गीले टिश्यू या कागज पर सौंफ को रगड़ें। यदि हरा रंग टिश्यू पर उतर जाए, तो समझिए सौंफ को रंगा गया है।

• रंग और स्वाद पर दें ध्यान:
प्राकृतिक सौंफ का रंग हल्का हरा और सामान्य होता है, जबकि केमिकल युक्त सौंफ अधिक चमकीली और गहरे हरे रंग की दिखाई देती है। असली सौंफ में हल्की मिठास होती है, जबकि मिलावटी सौंफ का स्वाद कड़वा या असामान्य लग सकता है।

हालांकि, ये घरेलू तरीके केवल शुरुआती जांच के लिए हैं। यदि किसी उत्पाद की शुद्धता को लेकर संदेह हो, तो प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जा सकता है। उपभोक्ता खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत FSSAI के हेल्पलाइन नंबर 011-23413488 पर भी दर्ज करा सकते हैं।