सीएम नायब सैनी ने QR आधारित ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम और आठ नई आबकारी ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया

चंडीगढ़ (Naren Danu) : हरियाणा सरकार ने आबकारी व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में शराब के उत्पादन से लेकर थोक और खुदरा बिक्री तक हर बोतल की डिजिटल निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को क्यूआर कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम और आबकारी विभाग की आठ नई ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के जरिए शराब की प्रत्येक बोतल की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी। इससे अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने, कर चोरी रोकने और आबकारी नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

सरकार ने सामाजिक समारोह, विवाह, संगीत कार्यक्रम और प्रदर्शनियों में शराब परोसने के लिए ऑनलाइन लाइसेंस की सुविधा भी शुरू की है। इसके अलावा मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉल के वार्षिक पंजीकरण, डिनेचर्ड स्पिरिट लाइसेंस, औद्योगिक एवं औषधीय स्पिरिट परमिट तथा शराब दुकानों के संचालन समय में विस्तार की अनुमति जैसी सेवाएं भी अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी आवेदनों का निपटारा सात कार्य दिवस के भीतर पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। स्वचालित प्रक्रिया लागू होने से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और लाइसेंसधारकों को तेज, पारदर्शी तथा सुविधाजनक सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने अधिकारियों को नई प्रणाली का पूरे प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्री-जीएसटी कर मामलों के लिए लागू एकमुश्त निपटान योजना का लाभ उठाने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ब्याज और जुर्माने में 100 प्रतिशत तक की छूट तथा विभिन्न श्रेणियों में कर राहत का प्रावधान किया गया है।

राज्य सरकार ने जीएसटी संग्रह के मोर्चे पर भी बेहतर प्रदर्शन का दावा किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में हरियाणा का एसजीएसटी संग्रह 32 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि वर्ष 2025-26 में भी राज्य ने 22 प्रतिशत वृद्धि के साथ देश में सबसे अधिक एसजीएसटी वृद्धि दर दर्ज की थी।