जयपुर (Naren Danu) : राजस्थान सरकार ने बाजार में ‘एनर्जी ड्रिंक’ के नाम पर बेचे जा रहे खाद्य उत्पादों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे उत्पादों पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ या ताकत बढ़ाने, कमजोरी दूर करने और मानसिक क्षमता बढ़ाने जैसे भ्रामक दावे करने पर कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से इस अभियान को लागू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसे सभी उत्पादों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।
विभाग ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अनुसार फिलहाल ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के लिए कोई अधिसूचित खाद्य मानक निर्धारित नहीं है। ऐसे में इस नाम या इससे मिलते-जुलते दावों के साथ उत्पादों की बिक्री मिसब्रांडिंग की श्रेणी में आ सकती है।
अभियान के तहत केवल दुकानों और वितरकों ही नहीं, बल्कि निर्माताओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे उत्पादों की भी जांच की जाएगी। सरकार ने विशेष रूप से उन लेबल और विज्ञापनों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं, जिनमें ताकत बढ़ाने, मानसिक क्षमता या एकाग्रता बढ़ाने अथवा कमजोरी दूर करने जैसे वैज्ञानिक रूप से अप्रमाणित दावे किए जाते हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रामक प्रचार से बचाना और खाद्य उत्पादों की सही लेबलिंग सुनिश्चित करना है।