नई दिल्ली में जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय का उद्घाटन; बोले- ज्ञान और विवेक ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत

नई दिल्ली (Naren Danu) : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने युवाओं से पुस्तकालयों से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी देश की वास्तविक प्रगति का अंदाजा केवल उसकी आर्थिक ताकत से नहीं, बल्कि इस बात से लगाया जाना चाहिए कि उसके पुस्तकालयों में कितने युवा अध्ययन कर रहे हैं।

नई दिल्ली में 'जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय' के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि ज्ञान, विवेक और विचारशीलता ही किसी राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं और इनका सबसे बड़ा माध्यम पुस्तकालय हैं। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके नाम पर स्थापित यह पुस्तकालय दिल्ली के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

"पढ़ने की आदत बदल देती है व्यक्तित्व"

गृहमंत्री ने कहा कि युवाओं को किसी भी विषय पर राय बनाने से पहले उसका गहराई से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और सुनी-सुनाई बातों के बजाय पुस्तकों से प्राप्त प्रमाणिक ज्ञान व्यक्ति के विचारों को मजबूत बनाता है।

उन्होंने कहा कि यदि युवा नियमित रूप से पुस्तकालय जाने की आदत विकसित कर लें तो उनका व्यक्तित्व, सोच और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी। उन्होंने पुस्तकालयों को केवल किताबों का स्थान नहीं, बल्कि विचारों और ज्ञान के केंद्र बताया।

गांव-गांव पुस्तकालय मॉडल का दिया उदाहरण

अमित शाह ने गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में विकसित किए गए पुस्तकालय मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां प्रत्येक गांव में 3 से 4 हजार पुस्तकों वाले पुस्तकालय बनाए गए हैं। इन्हें लाखों पुस्तकों वाले केंद्रीय पुस्तकालय से जोड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि चार मोबाइल पुस्तकालय वैन भी संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण छात्र अपनी पसंद की पुस्तकें मंगवा सकते हैं। प्रत्येक शुक्रवार को ये पुस्तकें संबंधित गांवों तक पहुंचाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों को स्कूलों से जोड़कर विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित की जा रही है।

डिजिटल नेटवर्क से जुड़ें सभी पुस्तकालय

शाह ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि राजधानी के सभी सार्वजनिक पुस्तकालयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

उन्होंने बताया कि जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय में 32 हजार से अधिक पुस्तकों का संग्रह, शोधार्थियों के लिए अलग अध्ययन कक्ष, आधुनिक रीडिंग एरिया, बहुउद्देश्यीय सभागार, नि:शुल्क वाई-फाई और एक करोड़ से अधिक ई-पुस्तकों वाली ई-लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है।

जेपी के लोकतांत्रिक संघर्ष को किया याद

गृहमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को याद करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर लोकतंत्र की रक्षा तक ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष का नेतृत्व किया और बिहार के गांधी मैदान से 'संपूर्ण क्रांति' का आह्वान किया।

शाह ने कहा कि लोकतंत्र जनता के विश्वास से चलता है और सत्ता को हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण का यह विचार आज भी प्रासंगिक है कि देश केवल किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से बनता है।