ऑकलैंड (Naren Danu) : भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों ने चार दशक बाद एक नया मोड़ लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आपसी संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया। इस कदम को व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की ओर से आयोजित राजकीय भोज में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्य, भरोसा और सहयोग की भावना दोनों देशों को करीब लाती है। उन्होंने कहा कि अब दोनों देश केवल अवसरों की तलाश नहीं करेंगे, बल्कि मिलकर नए अवसरों का निर्माण करेंगे।
मोदी ने कहा कि हाल ही में रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा। इससे उद्योगों, कृषि क्षेत्र, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते तैयार होंगे। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
डिजिटल से डेयरी तक बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड अब डिजिटल तकनीक, नवाचार और वित्तीय सेवाओं में भी साझेदारी बढ़ाएंगे। भारत के यूपीआई और न्यूजीलैंड की डिजिटल भुगतान प्रणाली को जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
कृषि और डेयरी क्षेत्र में सहयोग को लेकर मोदी ने कहा कि दोनों देशों के किसानों और पशुपालकों के अनुभव साझा किए जाएंगे। खाद्य प्रसंस्करण और कृषि तकनीक के क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों से नई संभावनाएं पैदा होंगी।
हिंद-प्रशांत में साथ आएंगे दोनों देश
भारत और न्यूजीलैंड ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके तहत नौसैनिक सहयोग, लॉजिस्टिक सहायता और हाइड्रोग्राफी जैसे क्षेत्रों में तालमेल मजबूत किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और प्रभावी बनाने के लिए संयुक्त कार्य समूह बनाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने में भारत-न्यूजीलैंड की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
खेल और संस्कृति में भी नई साझेदारी
दोनों देशों ने संस्कृति, कला और विरासत के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं, खेल क्षेत्र में संयुक्त कार्ययोजना को भी मंजूरी दी गई है।
मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड इस वर्ष खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे कर रहे हैं। मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व वाली भारतीय हॉकी टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि को याद करते हुए दोनों देशों में खेल आयोजनों की योजना बनाई जाएगी।
प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड के विश्वविद्यालयों को भारत में अपने केंद्र स्थापित करने का निमंत्रण देते हुए कहा कि शिक्षा, शोध और युवाओं के आदान-प्रदान से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।