जालंधर (Naren Danu) : बिस्त दोआब नहर एक बार फिर आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई। वीरवार देर रात गदईपुर और कालिया कॉलोनी के पास नहर का किनारा टूटने से पानी तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभालते हुए रेत और मिट्टी से भरी बोरियां लगाकर पानी को कॉलोनियों में घुसने से रोकने का प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 11 बजे नहर में पानी का बहाव अचानक बढ़ गया। तेज दबाव के कारण नहर का किनारा कमजोर होकर टूट गया और पानी आसपास के खाली प्लॉटों व निचले क्षेत्रों में फैलने लगा। पानी रिहायशी इलाके की तरफ बढ़ता देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
लोगों ने खुद संभाला बचाव कार्य
प्रशासनिक मदद पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोग राहत कार्य में जुट गए। लोगों ने आसपास से रेत और मिट्टी से भरी बोरियां जुटाईं और टूटे हुए हिस्से पर लगाकर पानी के बहाव को रोकने की कोशिश की। कई घंटे की मेहनत के बाद पानी का रुख काफी हद तक कॉलोनियों की ओर जाने से रोक लिया गया।
इलाके के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उन्होंने प्रयास नहीं किया होता तो कई घरों में पानी घुस सकता था और बड़ा नुकसान हो सकता था।
नहरी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शुरू किया काम
घटना की सूचना मिलने के बाद नहरी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। टीम ने टूटे हुए हिस्से को बंद करने, पानी के बहाव को नियंत्रित करने और स्थिति सामान्य करने के लिए मरम्मत कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।
पहले भी कई बार सामने आ चुकी है समस्या
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिस्त दोआब नहर के ओवरफ्लो और किनारे टूटने की समस्या पहले भी कई बार सामने आ चुकी है। हर बार लोगों को अपने स्तर पर बचाव करना पड़ता है। इस बार भी कई खाली प्लॉटों में पानी भर गया और पानी घरों की तरफ बढ़ने लगा था।
लोगों ने प्रशासन और नहरी विभाग से मांग की है कि नहर के कमजोर हिस्सों की स्थायी और मजबूत मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि हर बरसात में अस्थायी उपाय करने के बजाय अब पक्का समाधान जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।