चंडीगढ़ (Naren Danu) : वन महोत्सव समारोह की शुरुआत के मौके पर चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पौधारोपण अभियानों को लेकर अधिकारियों पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि हर साल विभाग लाखों-करोड़ों पौधे लगाने के दावे करता है, लेकिन वास्तविकता में इन पौधों की देखभाल और उनके जीवित रहने पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
कटारिया ने कहा कि केवल आंकड़े पेश करने से पर्यावरण नहीं सुधरेगा। उन्होंने कहा, "हमारा बढ़ा-चढ़ाकर बोलना, गप्पें मारना और झूठ बोलना हमारे जहन में आ गया है। अगर इसे छिपाने की कोशिश करेंगे तो यह अपने आप से धोखा होगा।"
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ का ग्रीन कवर बढ़कर 51.6 प्रतिशत हो गया है और यह देश के प्रमुख शहरों में सबसे बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
दिल्ली में सम्मान मिला, लेकिन पहाड़ खाली के खाली रहे
प्रशासक ने पुराने पौधारोपण अभियानों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार कागजों में बड़े-बड़े लक्ष्य पूरे दिखाए जाते हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग होती है। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी को दिल्ली में सम्मान मिल गया, लेकिन तीन साल बाद भी पहाड़ी क्षेत्र खाली का खाली रह गया।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जीवन से जोड़ते हुए कहा कि पेड़ नहीं होंगे तो पानी नहीं होगा और पानी नहीं होगा तो भोजन का संकट पैदा होगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ सौभाग्यशाली है कि यहां आज भी 50-50 साल पुराने बरगद जैसे पेड़ मौजूद हैं, जिन्हें हर कीमत पर बचाना होगा।
जलवायु परिवर्तन पर जताई चिंता
कटारिया ने पर्यावरण में हो रहे बदलावों पर चिंता जताते हुए अमरनाथ गुफा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बर्फ से बनने वाला शिवलिंग पहले लंबे समय तक बना रहता था, लेकिन इस बार तापमान में बदलाव के कारण कुछ ही दिनों में इसके पिघलने की स्थिति सामने आई।
डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड बनेगा हरित क्षेत्र
नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। यहां पौधों की देखभाल के लिए माली तैनात किए जाएंगे और ट्रीटेड पानी की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में जॉगिंग ट्रैक, जिम, प्ले एरिया और वॉकिंग ट्रैक विकसित किए जाएंगे। यहां बांस, बेंजामिना, पीपल, कपूर, पिलखन और फलदार प्रजातियों के करीब 10 हजार पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा 14 एकड़ क्षेत्र को मियावाकी फॉरेस्ट के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रशासक ने अधिकारियों से अपील की कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी लंबी अवधि तक देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर की हरियाली वास्तव में बढ़ सके।