चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी में सुलह की कोशिशें तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व वाले गुट की प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल के साथ शुक्रवार को बैठक होने की संभावना है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार बैठक के स्थान और इसमें शामिल होने वाले नेताओं को लेकर कुछ शर्तों पर भी चर्चा हुई है।
गुरुवार को विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पर चन्नी समर्थक नेताओं की करीब दो घंटे तक बैठक हुई। इसमें सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक परगट सिंह, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, पूर्व विधायक भारत भूषण आशु, बरिंदर ढिल्लों समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद रंधावा ने कहा कि सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि बैठक में चुनाव समिति के गठन और संगठन से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां प्रभारी के समक्ष रखी जाएंगी। वहीं, परगट सिंह ने कहा कि पार्टी के भीतर कुछ मतभेद हैं, जिन्हें बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पार्टी के हर नेता को अपनी बात रखने का अधिकार है। विधायक राणा गुरजीत सिंह ने भी कहा कि कांग्रेस में अंतिम निर्णय हाईकमान का ही होता है।
सूत्रों के मुताबिक, चन्नी चाहते हैं कि उनकी राजनीतिक भूमिका और आगामी चुनाव से जुड़े मुद्दों पर अंतिम बातचीत कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हो। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने के बाद उनसे मुलाकात की कोशिश की जाएगी।
उधर, प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने अपने दौरे के दौरान लगातार संगठनात्मक बैठकें जारी रखीं। उन्होंने विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्ठल, युवा कांग्रेस पदाधिकारियों और अन्य नेताओं से मुलाकात कर संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों पर चर्चा की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रस्तावित बैठक से तत्काल टकराव कम हो सकता है, लेकिन संगठनात्मक विवाद पूरी तरह समाप्त होगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में होने वाले फैसलों और कांग्रेस हाईकमान की रणनीति पर निर्भर करेगा।