लुधियाना (Narendra Singh Danu) : बरसात के मौसम में बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए पंजाब सरकार ने सतलुज नदी किनारे सुरक्षा प्रबंध तेज कर दिए हैं। जल संसाधन एवं खनन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने लुधियाना के ससराली कॉलोनी गांव के पास सतलुज दरिया के धुस्सी बांध पर चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने बताया कि ससराली कॉलोनी क्षेत्र में करीब 3300 फुट लंबा धुस्सी बांध क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना पर लगभग 11.75 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बांध को मजबूत करने के लिए करीब 2 लाख घन मीटर मिट्टी की जरूरत है, जिसमें से लगभग 1.50 लाख घन मीटर मिट्टी का काम पूरा किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना की सबसे खास बात नदी किनारे कटाव रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल है। बांध के नदी की ओर वाले हिस्से में पीपीएमएफ (पॉलीप्रोपाइलीन मल्टीफिलामेंट) जियोट्यूब लगाए जा रहे हैं। कुल करीब 450 जियोट्यूब लगाए जाने हैं, जिनमें से लगभग 325 जियोट्यूब स्थापित किए जा चुके हैं।
बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब में पहली बार इस तरह की जियोसिंथेटिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे नदी के तेज बहाव से होने वाले कटाव को रोकने और बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न किया जाए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती कर काम को निर्धारित समय में पूरा किया जाए।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के बांधों को मजबूत बनाने और बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है। धुस्सी बांध के मजबूत होने से सतलुज किनारे बसे गांवों को बरसात के दौरान बड़ी राहत मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारियां की जा रही हैं।
लुधियाना पूर्वी की एसडीएम जसलीन कौर भुल्लर ने बताया कि जिला प्रशासन जल संसाधन विभाग के साथ लगातार तालमेल बनाकर कार्यों की निगरानी कर रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है और आपात स्थिति के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं।