‘पंजाब निवेशक सर्कल’ से स्टार्टअप्स को मिलेगा निवेशकों का साथ, ‘न्यूरॉन 2.0’ से डीप-टेक इनोवेशन को बढ़ावा

चंडीगढ़/एसएएस नगर (Narendra Singh Danu) : पंजाब को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने बुधवार को ‘पंजाब निवेशक सर्कल’ और ‘स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0’ का शुभारंभ किया। सरकार का लक्ष्य राज्य को देश के प्रमुख स्टार्टअप और डीप-टेक केंद्रों में शामिल करना है।

मोहाली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित कार्यक्रम में सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, विनिर्माण और डीप-टेक क्षेत्रों से जुड़े 14 उभरते स्टार्टअप्स ने अपने प्रोजेक्ट निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत किए।

अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार नवाचार आधारित और मजबूत अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब निवेशक सर्कल स्टार्टअप्स और निवेशकों के बीच की दूरी को कम करने वाला एक स्थायी मंच साबित होगा, जहां उद्यमियों को फंडिंग, मार्गदर्शन और रणनीतिक सहयोग के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि पंजाब में इस समय 2500 से अधिक डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। स्टार्टअप पंजाब के माध्यम से अब तक 222 से अधिक स्टार्टअप्स को 6.8 करोड़ रुपये से ज्यादा की सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जा चुकी है।

उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य में महिला उद्यमिता भी तेजी से बढ़ रही है। मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में करीब आधे ऐसे हैं, जिनमें कम से कम एक महिला निदेशक शामिल है। यह पंजाब में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने का संकेत है।

कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0 की भी शुरुआत की गई। यह पहले चरण के न्यूरॉन कार्यक्रम का उन्नत रूप है, जिसका उद्देश्य डीप-टेक इनोवेशन, साइबर सुरक्षा और अत्याधुनिक कौशल विकास को बढ़ावा देना है।

अमन अरोड़ा ने बताया कि न्यूरॉन पहल के पहले चरण में 114 तकनीकी स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने में मदद मिली, 67 बौद्धिक संपदा फाइलिंग में सहायता दी गई, करीब 2700 रोजगार के अवसर पैदा हुए और स्टार्टअप्स का कुल मूल्यांकन लगभग 890 करोड़ रुपये तक पहुंचा।

उन्होंने कहा कि न्यूरॉन 2.0 के तहत साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पंजाब के युवाओं और स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों, निवेशकों और सलाहकारों के बीच नेटवर्किंग सत्र भी आयोजित किए गए। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह, पंजाब विकास आयोग की वाइस चेयरमैन सीमा बंसल, इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।