केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की बैठक में नए प्राणी उद्यान, जैव-बैंक नेटवर्क और वैज्ञानिक प्रबंधन पर बनी रणनीति

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : देश के चिड़ियाघरों को संरक्षण, शिक्षा और अनुसंधान के आधुनिक केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने नई रणनीति तैयार की है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को कोयंबटूर में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) की 46वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में देशभर के चिड़ियाघरों के आधुनिकीकरण, नए प्राणी उद्यानों की स्थापना, आगंतुकों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, वैज्ञानिक योजना और आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, सरकार का उद्देश्य भारतीय चिड़ियाघरों को वन्यजीव संरक्षण और शोध के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित करना है। इसी दिशा में चिड़ियाघरों के प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन (मैनेजमेंट इफेक्टिवनेस इवैल्यूएशन) के दूसरे चरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में संरक्षण प्रजनन कार्यक्रमों को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पशु जैव-बैंक (Animal Bio-bank) नेटवर्क विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके माध्यम से आधुनिक प्रजनन तकनीकों का उपयोग कर संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण को बढ़ावा देने की योजना है।

इसके अलावा राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के आधुनिकीकरण, चिड़ियाघरों में पशु चिकित्सकों और देखभालकर्ताओं के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), वन्यजीव स्वास्थ्य प्रबंधन तथा चिड़ियाघरों के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से संसाधन जुटाने जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में सूचीबद्ध गैर-देशी वन्यजीव प्रजातियों के अवैध कब्जे और प्रदर्शन पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण का नया न्यूज़लेटर भी जारी किया, जिसमें भारतीय चिड़ियाघरों में संरक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन, वन्यजीव स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में हुई प्रमुख उपलब्धियों को शामिल किया गया।