रथयात्रा से जुड़ना सौभाग्य और रस्सी खींचना महापुण्य: अनूप थापर

लुधियाना: इस्कॉन एवं भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव कमेटी की ओर से 16 जुलाई को शाम 4 बजे श्री दुर्गा माता मंदिर, जगराओं पुल से निकाली जाने वाली 30वीं भव्य भगवान जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं व्यावसायिक संस्थाएं इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभा रही हैं।

परम जगन्नाथ सेवक एवं जेबीएम एनर्जी रिसोर्सिस प्रा. लि. के मालिक अनूप थापर तथा सौरभ थापर ने निमंत्रण पत्र स्वीकार करते हुए कहा कि श्रील प्रभुपाद ने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को विश्वभर में स्थापित कर लाखों लोगों को प्रभु की भक्ति से जोड़ने का महान कार्य किया। आज रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, सद्भाव और मानवता का संदेश देने वाला वैश्विक उत्सव बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ जब स्वयं रथ पर विराजमान होकर भक्तों के बीच आते हैं तो यह उनकी असीम कृपा, वात्सल्य और भक्तवत्सल स्वरूप का प्रतीक होता है। रथयात्रा में शामिल होकर भगवान के दर्शन करना, रथ के दर्शन करना, उसकी रस्सी को स्पर्श करना अथवा रथ को खींचना भी सनातन परंपरा में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा एवं भक्ति के साथ रथ की रस्सी खींचने से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।