विद्यार्थियों को दिलाई नशा मुक्त रहने की शपथ

पंचकूला: नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला समाज कल्याण विभाग, पंचकूला की सहायता से पिंजौर मनोरोग हस्पताल, पिंजौर की टीम द्वारा माॅडल सीनियर सैकैंडरी स्कूल पिंजौर में नशा मुक्ति जागरूकता कैम्प का आयोजन किया गया जिसमें नशा मुक्ति को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।

मनोचिकित्सक ज्योति ने बताया कि नशा एक ऐसी गंभीर सामाजिक बुराई है जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशे के लिये समाज में शराब, गांजा, भांग, अफीम, जर्दा, गुटखा, तम्बाकू और धुम्रपान (बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, चिलम) सहित चरस, स्मैक, कोकिन, ब्राउन शुगर जैसे घातक मादक दवाओं और पदार्थो का उपयोग किया जा रहा है। बीड़ी, सिगरेट, गांजा, भांग, अफीम या चरस पीने वालों को जब भरपूर नशा प्राप्त नहीं होता है, तब वे शराब और हेरोइन जैसे मादक पदार्थो की ओर अग्रसर होते हैं। इन जहरीले और नशीले पदार्थो के सेवन से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचानें के साथ ही इससे सामाजिक वातावरण भी प्रदूषित होता है। नशा किसी प्रकार का भी हो व्यक्तित्व के विनाश, निर्धनता की वृद्धि और मृत्यु के द्वार खोलता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।

इस दौरान विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इसके अलावा विद्यार्थियों द्वारा चित्रकारियों के माध्यम से भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे मे बताया गया। अंत में विद्यालय में मौजूद शिक्षकों सहित सभी विद्यार्थियों द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ ली गई।