1024 केंद्रों का लक्ष्य, 132 निर्माणाधीन; निजी स्कूलों जैसी सुविधाओं से लैस होंगे आंगनवाड़ी केंद्र: डॉ. बलजीत कौर

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब सरकार ने राज्य के छोटे बच्चों को बेहतर शुरुआती शिक्षा और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत राज्यभर में 892 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। सरकार का दावा है कि इन केंद्रों को बच्चों के अनुकूल सुविधाओं और खेल आधारित शिक्षण प्रणाली के अनुरूप विकसित किया गया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य में कुल 1024 नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 892 केंद्र तैयार हो चुके हैं। बाकी 132 केंद्रों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इन्हें बच्चों को समर्पित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आंगनवाड़ी भवन तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे शिक्षण केंद्र विकसित करना है जहां बच्चों को पोषण, शिक्षा और विकास के लिए बेहतर वातावरण मिल सके। इन केंद्रों में बच्चों के बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, सुरक्षित परिसर और सीखने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि आर्थिक स्थिति के कारण कोई बच्चा गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा से वंचित न रहे। ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को भी निजी स्कूलों की तर्ज पर सीखने और आगे बढ़ने के अवसर मिलें, यही सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि मिशन सक्षम के तहत प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के लिए 10 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। इस राशि से केंद्रों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

मंत्री ने कहा कि नए आंगनवाड़ी केंद्र कुपोषण से लड़ने, बच्चों के स्वास्थ्य सुधारने और उनमें रचनात्मक सोच विकसित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों में किया गया निवेश ही पंजाब के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करेगा।