नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को सराय रोहिल्ला मेट्रो स्टेशन निर्माण स्थल पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर परियोजना के निर्माण कार्य की शुरुआत की। इस दौरान परियोजना के पहले चरण के रूप में डायफ्राम वॉल निर्माण कार्य शुरू किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो सिर्फ यातायात का साधन नहीं, बल्कि आधुनिक और विकसित दिल्ली की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और डीएमआरसी मिलकर काम कर रहे हैं।
पूरी तरह भूमिगत होगा नया कॉरिडोर
करीब 12.377 किलोमीटर लंबे इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर को दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन (लाइन-8) के भूमिगत विस्तार के रूप में विकसित किया जाएगा। इस रूट पर कुल 10 भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें इंद्रलोक, दया बस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खां पार्क, झंडेवालान मंदिर, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय-आईजी स्टेडियम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं।
परियोजना पूरी होने के बाद मैजेंटा लाइन की लंबाई करीब 89 किलोमीटर हो जाएगी और यह दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी। इस कॉरिडोर पर यात्रियों को कई प्रमुख मेट्रो लाइनों से इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी।
सात प्रमुख मेट्रो लाइनों से जुड़ेगा नेटवर्क
नए कॉरिडोर के जरिए यात्रियों को रेड लाइन, ग्रीन लाइन, येलो लाइन, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन, वायलेट लाइन और ब्लू लाइन समेत कई प्रमुख रूटों से सीधा संपर्क मिलेगा। इससे दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों के बीच सफर का समय कम होगा और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
रेलवे स्टेशन और प्रमुख स्थलों को मिलेगा फायदा
यह कॉरिडोर सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग बाजार, झंडेवालान मंदिर, अरुण जेटली स्टेडियम, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और नेशनल वॉर मेमोरियल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा।
सराय रोहिल्ला स्टेशन को इस परियोजना का अहम केंद्र माना जा रहा है। इससे आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों, बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
पर्यावरण को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो नेटवर्क का विस्तार प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे तो सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे जाम, ईंधन खपत और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी को विश्वस्तरीय, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।