यूरेनियम आपूर्ति, रक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत पर बनी सहमति; ऑस्ट्रेलिया लौटाएगा भारत की तीन प्राचीन कलाकृतियां

नई दिल्ली/मेलबर्न (Narendra Singh Danu) : भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देते हुए गुरुवार को रक्षा, समुद्री सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास, खनन, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक विरासत सहित विभिन्न क्षेत्रों में 18 महत्वपूर्ण समझौतों और पहलों पर सहमति जताई। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के बीच मेलबर्न में हुई शिखर वार्ता के दौरान लिया गया।

वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) को शीघ्र अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है, जिससे व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई जारी रखेंगे तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, नौवहन की स्वतंत्रता और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

बैठक के दौरान परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी अहम प्रगति हुई। दोनों देशों ने असैन्य परमाणु सहयोग से जुड़े प्रशासनिक प्रबंधों को अंतिम रूप दिया, जिससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति का रास्ता साफ होगा। ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त वक्तव्य भी जारी किया गया।

रक्षा क्षेत्र में संयुक्त रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग घोषणा का नवीनीकरण किया गया। इसके तहत सैन्य सहयोग, समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयास, मानवीय सहायता और आपदा राहत सहित कई क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा। भारतीय तटरक्षक बल और ऑस्ट्रेलियाई मैरीटाइम बॉर्डर कमांड के बीच सहयोग बढ़ाने तथा ऑस्ट्रेलियन डिफेंस कॉलेज में भारतीय सैन्य प्रशिक्षक की नियुक्ति पर भी सहमति बनी।

शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान में खनन एवं खनन उपकरण उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय बेंगलुरु और विक्टोरिया विश्वविद्यालय गुरुग्राम में अपने परिसर स्थापित करेंगे। विज्ञान, भू-विज्ञान, फिल्म शिक्षा, नवाचार और हरित ऊर्जा प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी कई नए समझौते किए गए।

सांस्कृतिक सहयोग के तहत ऑस्ट्रेलिया ने भारत की तीन प्राचीन कलाकृतियां लौटाने की घोषणा की है। इनमें तमिलनाडु से संबंधित भगवान शिव के वाहन नंदी, भद्रकाली की कांस्य प्रतिमा और भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की प्राचीन प्रतिमा शामिल हैं। दोनों देशों ने इसे सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।