विदेश मंत्रालय बोला- शांति, संवाद और कूटनीति ही समाधान का रास्ता

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : पश्चिम एशिया में हालिया सैन्य हमलों और बढ़ते तनाव पर भारत ने गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने की अपील की है, जिससे क्षेत्र की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हाल की घटनाएं क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। भारत का मानना है कि क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

भारत ने यह भी रेखांकित किया कि पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार का अहम केंद्र है। ऐसे में वहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। इसलिए ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियां निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए।

विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि किसी भी विवाद का स्थायी समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण वार्ता के माध्यम से ही संभव है। भारत ने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए मतभेद दूर करने का आग्रह किया है।

बयान में कहा गया कि भारत क्षेत्र के घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और शांति एवं स्थिरता बहाल करने के लिए किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।