एक मजदूर को मलबे से जिंदा निकाला, निर्माण में लापरवाही की जांच शुरू

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार शाम एक नवनिर्मित चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एक मजदूर को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

रोहिणी के पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि शाम करीब 4:28 बजे पीसीआर को सूचना मिली कि सेक्टर-16 के जी-4 पॉकेट स्थित मकान नंबर 151-152 की इमारत गिर गई है। सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो चुकी थी और उसका मलबा सड़क तक फैल गया था।

बचाव अभियान के दौरान सबसे पहले 34 वर्षीय मजदूर सद्दाम को जिंदा बाहर निकाला गया। उसे गंभीर हालत में डॉ. बी.आर. आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

रेस्क्यू के दौरान तीन शव भी बरामद किए गए। मृतकों की पहचान 42 वर्षीय राम, 20 वर्षीय नूरुल हुदा उर्फ कफे और 51 वर्षीय राम दुआ के रूप में हुई है। राम स्थानीय निवासी और पेशे से दर्जी थे, जबकि नूरुल हुदा उत्तर प्रदेश के बहराइच का रहने वाला मजदूर था। राम दुआ को इमारत मालिक का पिता बताया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, इमारत हाल ही में बनाई गई थी और हादसे के समय उसमें निर्माण से जुड़े कुछ कार्य चल रहे थे। अचानक पूरी इमारत ढह जाने से अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।

हादसे के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरा बनाकर सील कर दिया गया। देर रात तक मलबा हटाने का काम जारी रहा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसके नीचे कोई अन्य व्यक्ति दबा न हो।

पुलिस ने इमारत के निर्माण, नक्शे की स्वीकृति, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तथ्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच में यदि निर्माण में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।