राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ किया उद्घाटन, बोले- भगवान शिव से जुड़े पवित्र स्थलों की सेवा का बार-बार मिला सौभाग्य

योग्याकार्ता (Narendra Singh Danu) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बुधवार को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण एवं पुनरुद्धार परियोजना का संयुक्त शुभारंभ किया। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है और भारत-इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवान शिव से जुड़े पवित्र स्थलों के संरक्षण और विकास में योगदान देना उनके जीवन का सौभाग्य रहा है। उन्होंने कहा कि उनका जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ, जहां हाटकेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर स्थित है। उन्हें सोमनाथ मंदिर के विकास और काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्विकास से जुड़ने का अवसर भी मिला, जबकि केदारनाथ और महाकाल लोक जैसी परियोजनाएं भी उनके लिए विशेष रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश से जुड़ी इस ऐतिहासिक धरोहर के पुनरुद्धार कार्य का शुभारंभ करना उनके लिए बेहद भावनात्मक और गौरवपूर्ण क्षण है।

उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया यात्रा के दौरान उन्हें यहां के वातावरण और संस्कृति में भारतीय सभ्यता की झलक महसूस हुई। प्रधानमंत्री ने इस सांस्कृतिक विरासत को सदियों तक सुरक्षित रखने के लिए इंडोनेशिया की जनता और विभिन्न कालखंडों में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

मोदी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर से लेकर प्रम्बानन मंदिर तक भगवान शिव के प्रति आस्था का भाव एक समान दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि मंदिर में दर्शन और पूजा का अवसर उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि पुनरुद्धार कार्य पूरा होने के बाद प्रम्बानन मंदिर भारतीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए और भी बड़ा आकर्षण बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि परियोजना वर्ष 2029 से पहले पूरी हो जाएगी और उसके बाद वह एक बार फिर इस ऐतिहासिक मंदिर में दर्शन के लिए आएंगे।

उन्होंने भगवान शिव से भारत और इंडोनेशिया की मित्रता को और मजबूत बनाने, दोनों देशों के नागरिकों के सुख-समृद्धि तथा साझा विकास के लिए प्रार्थना भी की।