मेयर प्रवेश वाही ने किया उद्घाटन, बोले- कचरे को संसाधन में बदलने की दिशा में अहम कदम; पुराने सामान के पुन: उपयोग को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में एक पुराने ढलाव घर को आधुनिक रिड्यूस, रीयूज़ एवं रिसाइकल (आरआरआर) केंद्र और सेल्फी प्वाइंट में बदल दिया गया है। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने मंगलवार को इस केंद्र का उद्घाटन किया। इस परियोजना को दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज के सहयोग से पूरा किया गया है।

इस मौके पर महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली से कूड़े के पहाड़ खत्म करने के लिए लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर कचरे को घर से ही गीले और सूखे कूड़े में अलग किया जाए तो लैंडफिल साइट पर बढ़ते कचरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

महापौर ने ढलाव घर को आरआरआर केंद्र में बदलने के लिए मिरांडा हाउस कॉलेज की प्रधानाचार्य, शिक्षकों और एनसीसी छात्रों की सराहना की। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पुराने कागजों का पुनर्चक्रण कर उनका दोबारा उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।

बेकार सामान से तैयार किया गया केंद्र

महापौर ने बताया कि सिविल लाइंस क्षेत्र में बनाया गया यह आरआरआर केंद्र बेकार वस्तुओं को दोबारा उपयोग में लाकर उन्हें सार्वजनिक संपत्ति में बदलने की सोच पर आधारित है। इसके निर्माण में 45 पुराने टायर और 3000 से ज्यादा पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया गया है।

यह केंद्र सामुदायिक संग्रह केंद्र के रूप में काम करेगा, जहां लोग पुराने कपड़े, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई-वेस्ट) और अन्य उपयोगी सामान जमा कर सकेंगे। बाद में इन वस्तुओं का पुनर्चक्रण कर उन्हें दोबारा उपयोग में लाया जाएगा।

महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के स्वच्छ और हरित दिल्ली के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दिल्ली नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने में भी मदद करेंगे।

कार्यक्रम में निगम पार्षद इंद्रजीत सहरावत, सिविल लाइंस क्षेत्र के उपायुक्त शशि प्रताप सिंह, मिरांडा हाउस कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. बिजयलक्ष्मी नंदा और दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।