प्रवासी भारतीयों से कहा- भारत आसियान की प्रगति का भरोसेमंद साझेदार

नई दिल्ली (Narendra SIngh Danu) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया दौरे के दौरान जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को सभ्यता, संस्कृति और समुद्री विरासत से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश विकास के नए दौर की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और भारत इंडोनेशिया सहित पूरे आसियान क्षेत्र की प्रगति में सक्रिय साझेदार बनने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इंडोनेशिया के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और दोनों देशों के बीच मित्रता का मजबूत सेतु बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल अपने विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि मित्र देशों की तरक्की में भी भागीदार बन रहा है। आत्मनिर्भर भारत का लाभ पूरे आसियान क्षेत्र को मिल रहा है।

मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए महाभारत के वायंग कुलित मंचन, देवी श्री की पूजा और अन्य परंपराओं को दोनों देशों की ऐतिहासिक निकटता का प्रतीक बताया। उन्होंने लोकप्रिय गीत 'कुछ-कुछ होता है' का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया के साथ मिलकर काम करने से "कुछ नहीं, बल्कि बहुत कुछ होता है।"

कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने कहा कि आनुवंशिक जांच में उन्हें भारतीय डीएनए होने की जानकारी मिली है। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने भारतीयों के दिलों को छू लिया है और दोनों देशों के बीच वास्तविक डीएनए आपसी विश्वास, साझेदारी और साझा विरासत का है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में हुए सुधारों के कारण भारत वैश्विक आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनकर उभरा है। वहीं राष्ट्रपति प्रबोवो ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने देश में भी कई नीतियों से प्रेरणा ली है।