तकनीक का दुरुपयोग या सिस्टम में सेंध? जांच में जुटा प्रशासन

बठिंडा (Narendra Singh Danu): शहर में ई-रिक्शा चालकों के सामने अब एक नई डिजिटल परेशानी खड़ी हो गई है। चोरी, बैटरी खराबी और दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं से जूझ रहे चालकों को अब मोबाइल एप के जरिए वाहन बंद किए जाने का खतरा भी सताने लगा है। सोमवार देर रात रेलवे रोड स्थित अस्पताल बाजार के पास एक ई-रिक्शा अचानक बंद हो गया। चालक के अनुसार, वाहन को किसी अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल एप के माध्यम से लॉक कर दिया था।

ई-रिक्शा चालक रेलवे स्टेशन से सवारी लेकर जा रहा था। स्टेशन से करीब 500 मीटर की दूरी पर पहुंचते ही वाहन बंद हो गया। मजबूरी में सवारी दूसरे ऑटो में चली गई, जबकि चालक करीब दो घंटे तक परेशान रहा। इसी दौरान हनुमान चौक के पास एक अन्य ई-रिक्शा के साथ भी ऐसी ही घटना सामने आई।

मौके पर पहुंचे नौजवान वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों ने तकनीकी जांच की। उन्होंने संबंधित एप डाउनलोड कर जरूरी प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद ई-रिक्शा दोबारा चालू हो गया। संस्था प्रधान सोनू माहेश्वरी ने कहा कि कुछ शरारती तत्व तकनीक का गलत इस्तेमाल कर गरीब चालकों को परेशान कर रहे हैं। प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

स्मार्ट सिस्टम से जुड़े होते हैं आधुनिक ई-रिक्शा

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार कई नए ई-रिक्शा जीपीएस और स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम से लैस होते हैं। इनके जरिए वाहन की लोकेशन, बैटरी स्थिति और लॉक-अनलॉक जैसी सुविधाएं मोबाइल एप से नियंत्रित की जा सकती हैं। यदि किसी व्यक्ति को वाहन के डिजिटल सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच मिल जाए तो वह इसका दुरुपयोग कर सकता है।

विशेषज्ञों ने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें, ओटीपी और लॉगिन जानकारी किसी से साझा न करें और केवल आधिकारिक एप का ही इस्तेमाल करें। वहीं, पुलिस और साइबर सेल से भी ऐसे मामलों की जांच कर डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने की मांग उठ रही है।