भाजपा की अपील के बाद गठित हुई समिति, फिल्म की सामग्री और तथ्यों की होगी जांच

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाबी अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर केंद्र सरकार ने समीक्षा समिति (रिव्यू कमेटी) का गठन किया है। भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की ओर से की गई अपील के बाद यह कदम उठाया गया है। भाजपा नेता आरपी सिंह ने समिति के गठन की पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार, समिति फिल्म की कहानी, इसमें दिखाए गए तथ्यों और घटनाक्रम की समीक्षा करेगी। आरोप लगाया गया है कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी के बिना ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया। हालांकि इस मामले में आधिकारिक तौर पर आगे की कार्रवाई समिति की रिपोर्ट के बाद तय की जाएगी।

यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। करीब तीन वर्षों तक रिलीज का इंतजार करने के बाद फिल्म को पहले तय नाम ‘पंजाब 95’ की जगह ‘सतलुज’ नाम से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया था, लेकिन रिलीज के दो दिन बाद ही इसे हटा लिया गया।

जसवंत सिंह खालड़ा ने पंजाब में आतंकवाद के दौर के दौरान कथित फर्जी मुठभेड़ों और लावारिस शवों के अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों को सामने लाने का अभियान चलाया था। उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप उठाए थे। वर्ष 1995 में उनके कथित अपहरण के बाद उनकी पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

मामले की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद वर्ष 2005 में विशेष अदालत ने छह पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी दोषियों की सजा को बरकरार रखा।

अब फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर गठित समीक्षा समिति की रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। इस पूरे मामले ने एक बार फिर पंजाब के 1990 के दशक के घटनाक्रम और जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है।