दिल्ली पुलिस ने शूटर समेत स्थानीय बिल्डर और होटल कारोबारी को दबोचा, कारोबारी वर्चस्व के लिए रची गई थी पूरी योजना

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : मध्य दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में बिल्डर से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और कार्यालय में फायरिंग करने के मामले का दिल्ली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह वारदात महज रंगदारी वसूली के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय बिल्डरों में डर पैदा कर कारोबारी वर्चस्व कायम करने और प्रतिद्वंद्विता खत्म करने के उद्देश्य से रची गई सुनियोजित साजिश थी।

मामले में दिल्ली पुलिस की मध्य जिला टीम ने अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य शूटर, स्थानीय बिल्डर, होटल कारोबारी और अंतरराज्यीय गैंग से जुड़े लोग शामिल हैं।

बिल्डर कार्यालय में घुसकर मांगी थी 30 लाख की रंगदारी

मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 29 जून को नबी करीम थाना क्षेत्र के आर्य नगर, पहाड़गंज स्थित एक बिल्डर के कार्यालय में एक हथियारबंद युवक पहुंचा था। उसने बिल्डर से 30 लाख रुपये की मांग की और तत्काल पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया।

पैसे देने से इनकार करने पर आरोपित ने जान से मारने की नीयत से गोली चला दी और मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला मामला

एसीपी पहाड़गंज सौरभ ए. नरेंद्र की निगरानी में पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, होटल रिकॉर्ड और मुखबिरों की जानकारी के आधार पर जांच शुरू की।

जांच के दौरान सबसे पहले विशाल भाटी उर्फ भांजा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने पूरी साजिश का खुलासा किया, जिसके बाद पुलिस को स्थानीय लोगों और अंतरराज्यीय गैंग की मिलीभगत का पता चला।

स्थानीय बिल्डर और होटल कारोबारी की भूमिका

पुलिस जांच में सामने आया कि स्थानीय बिल्डर और होटल कारोबारी पवन कुमार उर्फ पवन चेतली तथा उसके साथी राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा ने साजिश में अहम भूमिका निभाई।

आरोप है कि दोनों ने गैंग के सदस्यों के ठहरने की व्यवस्था की, बैठकों के लिए होटल उपलब्ध कराया और पीड़ित बिल्डर व उसके परिवार से जुड़ी जानकारी आरोपितों तक पहुंचाई।

पुलिस के अनुसार, इस साजिश का उद्देश्य कारोबारी प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाकर अपना प्रभाव बढ़ाना था।

कोलकाता से पकड़ा गया मुख्य साजिशकर्ता

वारदात के बाद मुख्य आरोपितों में शामिल शक्ति सिंह दिल्ली छोड़कर कोलकाता भाग गया था। दिल्ली पुलिस की टीम ने उसे वहां से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया।

पुलिस के अनुसार शक्ति सिंह गौतमबुद्ध नगर के इकोटेक-1 थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ दिल्ली व अन्य स्थानों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इंस्टाग्राम पर दे रहा था पुलिस को चुनौती

पुलिस के मुताबिक मुख्य शूटर पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान फरारी के दौरान हथियारों के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा था। वह फायरिंग की घटना को प्रचारित कर इलाके के कारोबारियों में डर का माहौल बनाना चाहता था।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने उसे आईपी एस्टेट इलाके के पास घेर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उसके पास से अत्याधुनिक पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखे और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई।

पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान, शक्ति सिंह, विशाल भाटी उर्फ भांजा, पवन कुमार उर्फ पवन चेतली और राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा शामिल हैं। इनमें से तीन आरोपितों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।