नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : कांग्रेस ने अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को गंभीर बताते हुए मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट गठित करने की मांग की है। पार्टी ने इस पूरे प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की भी मांग उठाई है।
मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इस मामले ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि नए ट्रस्ट में संतों और धर्माचार्यों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
गहलोत ने कहा कि यदि यह केवल लापरवाही का मामला था, तो फिर एफआईआर दर्ज करने, विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने और गिरफ्तारियां करने की जरूरत क्यों पड़ी। उनके अनुसार, पूरे घटनाक्रम में कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिनका जवाब ट्रस्ट और केंद्र सरकार को देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों को मामले की जानकारी पहले से थी, लेकिन इसे दबाने का प्रयास किया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि अब तक मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई गई है और केवल लीपापोती की जा रही है।
अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि जब राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यक्रमों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिया था, तो अब इस विवाद पर भी उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष से भी पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
गहलोत ने राम मंदिर निर्माण के शुरुआती दौर में भूमि खरीद को लेकर लगे आरोपों का भी जिक्र किया और कहा कि इन मुद्दों पर भी पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने और देश के सामने सरकार का पक्ष रखने की मांग की।