अमृतसर (Narendra Singh Danu) : अमृतसर पुलिस ने एक कारोबारी की दुकान पर गोलीबारी कर फिरौती मांगने के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कारोबारी को डराकर पैसे वसूलने की नीयत से दुकान के शटर पर फायरिंग की थी। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
पुलिस कमिश्नर (सीपी) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने सोमवार को बताया कि 1 जुलाई को एक कारोबारी की दुकान के शटर पर गोलियां चलाई गई थीं। शुरुआत में पीड़ित कारोबारी शिकायत दर्ज कराने से हिचकिचा रहा था, लेकिन मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि गोलीबारी से पहले कारोबारी को फिरौती के लिए लगातार फोन किए जा रहे थे।
तकनीकी जांच से दोनों आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर अलग-अलग टीमें गठित कीं। इसके बाद वीरम गांव निवासी जशनप्रीत सिंह और साजनप्रीत सिंह को मजीठा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान साजनप्रीत सिंह ने भागने की कोशिश की, जिससे उसके दाहिने पैर में चोट लग गई।
पुलिस की राइफल छीनने की कोशिश, संघर्ष में चली गोली
सीपी भुल्लर ने बताया कि जशनप्रीत सिंह को अमृतसर लाया जा रहा था। इसी दौरान मदन मोहन मालवीय रोड पर पुलिस वाहन के सामने अचानक एक जानवर आ जाने से वाहन की रफ्तार धीमी करनी पड़ी। मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने वाहन का पिछला दरवाजा खोल दिया और साथ मौजूद सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) से सरकारी राइफल छीनने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने हथियार हाथ में लेकर पुलिस टीम की ओर तान दिया। इसी दौरान एएसआई ने तुरंत राइफल की नली नीचे की ओर धकेल दी। संघर्ष के दौरान गोली चल गई, जो जशनप्रीत सिंह के बाएं पैर में लगी। घायल आरोपी को तुरंत अमृतसर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद आरोपी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में एक और मामला दर्ज किया गया है।
पहले भी दर्ज है हेरोइन तस्करी का केस
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जशनप्रीत सिंह के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ), साहिबजादा अजीत सिंह नगर द्वारा दर्ज इस केस में उस पर 260 ग्राम हेरोइन बरामद होने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि फिरौती कॉल और गोलीबारी के पीछे सक्रिय पूरे गिरोह की जांच की जा रही है। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के प्रयास जारी हैं।