साहित्यिक सृजन को मिला मंच, कुंजपुरा में मासिक कार्यक्रम आयोजित

पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : विकास क्लब साहित्य कला मंच द्वारा अपना मासिक साहित्यिक कार्यक्रम विकास क्लब भवन में आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ शायर डॉ कमर रईस ने की, विशिष्ट अतिथि अनिल आर्य व रोहताश सैनी रहे, विशेष अतिथि वरिष्ठ शायर हरबंस पथिक व प्रोफेसर राजिंदर करनाल रहे।

सर्वप्रथम करनाल के वरिष्ठ शायर एवं कारवां -ए -अदब के अध्यक्ष एवं कवयित्री चन्द्रवती दीक्षित के पति के देहांत होने पर सभी उपस्थित कवियों एवं श्रोताओं द्वारा मौन श्रद्धांजलि दी गई। तत्पश्चात कार्यक्रम अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि एवं विशेष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। काव्य की शुरुआत अश्विनी शर्मा व कपिल शर्मा द्वारा सरस्वती वंदना से की गई। कार्यक्रम का मंच संचालन कवि प्रेम पाल सागर ने किया।

शायर डॉ कमर रईस ने कहा.यही दौरे हाजिर का वरदान है, जिसे देखिये वो ही परेशान हैं. शायर हरबंस पथिक ने कहा.कि दीये का वजूद दिन के उजाले में नहीं, अंधेरा घणा हो तो ही पता चलता है.. वरिष्ठ कवि प्रेम पाल सागर ने कहा. दिखते हैं आब आग होते हैं लोग, हन्सो के रूप में काग होते हैं लोग.. मधुर आवाज के धनी गुरमुख सिंह वड़ैच ने पढ़ा हम क्या बनाने आये थे हम क्या बना बैठे, कहीं मंदिर कहीं मस्जिद कहीं गुरूद्वारा कहीं गिरजाघर बना बैठे, युवा शायर रामेश्वर देव ने कहा. जो तेरा हक़ है मिलकर रहेगा तुझे, घर में मत कर बखेड़ा तू बे बात का,कवि दयाल जास्ट ने कहा चलो अकेले रूको नहीं,रूकने का ये दौर नहीं, कवयित्री गुरविंदर कौर गुरी ने कहा मैं सेमर का फूल बनूंगी,किसी देव पर नहीं चढ़ूंगी,युवा कवि सचिन पाल ने कहा इस किनारे तुफान बहुत है,जाना हमें उस पार है, रोहतास सैनी ने पढ़ा प्यार मोहब्बत भाई चारा, सबसे पहले धर्म हमारा,कवि अमित कामरा ने कहा मैं जानता हूं एक दिन तुम जरूर आओगे,मेरी उम्मीदों का मुरझाया बग़ीचा खिलाओगे, राजपाल रोजडा ने कहा मुझे मेरी गलतियों का अहसास कराता चल, पर अपने गुनाहों का भी भेद बताता चल, मधुर आवाज के धनी पूर्ण वत्स ने कहा क्या मिला तुझे मेरा चमन उजाड़ कर,एक एक फूल बड़ी मुश्किल से पलता है, अश्वनी शर्मा ने कहा बहुत आएगी सफर में कठिनाइयां मगर,हर घनेरी रात की सुबह भी होती है, शायर आशीष ताज ने कहा टूटे हुए दिल में है चाहत का खज़ाना,दामन में अपने भरलो मुहब्बत का खज़ाना, इसके अलावा प्रोफेसर राजेंद्र,लाभ सिंह आर्य, कपिल शर्मा, सुरेन्द्र मचल, हर्ष ठाकुर,विजय गुप्ता, सौरभ गुप्ता, खुशहाल रोजडा,मामराज, हविस कांबोज,शैजल, साल्वी, आदित्य आर्य, अन्सूल राणा ने भी गायन के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी, कार्यक्रम में अंजू शर्मा, सिमरण पाल, विक्की सिंह, रणदीप सिंह, रविन्द्र, सुलोचना,किरण, रामनाथ, महेन्द्र, सचिन गुप्ता,जगबीर उपस्थित रहे।