कम जमीन और कम पानी में बेहतर कमाई का मौका, सरकार देगी प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी

अमृतसर (Narendra Singh Danu) : पंजाब सरकार किसानों को पारंपरिक फसलों से हटाकर फसल विविधीकरण की ओर प्रोत्साहित करने के लिए मशरूम की खेती को बढ़ावा दे रही है। राज्य योजना के तहत सरकार मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने वाले पात्र किसानों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 80 हजार रुपये तक दे रही है।

बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि किसान करीब 2 लाख रुपये की लागत से छोटी मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित कर सकते हैं। इस पर बागवानी विभाग की ओर से 40 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी, जिससे किसानों का शुरुआती निवेश काफी कम हो जाएगा।

1,800 वर्ग फुट में शुरू हो सकती है यूनिट

मंत्री ने बताया कि मशरूम उत्पादन के लिए बड़ी जमीन की जरूरत नहीं होती। करीब 1,800 वर्ग फुट क्षेत्र में एक छोटी उत्पादन इकाई स्थापित की जा सकती है। यही वजह है कि छोटे और सीमांत किसान भी कम निवेश के साथ इस व्यवसाय की शुरुआत कर बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती में पानी की खपत भी कम होती है और बाजार में इसकी लगातार मांग बनी रहती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय का अच्छा विकल्प मिलता है।

प्रशिक्षण और तकनीकी मदद भी मिलेगी

मोहिंदर भगत ने बताया कि सरकार सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि मशरूम उत्पादन शुरू करने वाले किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और विशेषज्ञों की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे बिना किसी तकनीकी परेशानी के इस व्यवसाय को सफलतापूर्वक शुरू कर सकें।

ऐसे करें आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान राज्य योजना के तहत आवेदन करने के लिए अपने नजदीकी जिला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया में किसानों का मार्गदर्शन भी करेगा।